Wednesday, February 6, 2008

धूम्रपान एक कार्य महानसिगरेट है संजीवनीपीकर स्वास्थ्य बनाओसमय से पहले बूढ़े होकररियायतों का लाभ उठाओसिगरेट पीकर हीहैरी और माइकल निकलते हैंदूध और फल खाकर तोहरगोपाल बनते हैंजो नहीं पीते उन्हेंइस सुख से अवगत कराओबस में रेल में घर में जेल मेंसिगरेट सुलगाओअगर पैसे कम हैंफिर भी काम चला लोजरूरी नहीं है सिगरेटकभी कभी बीड़ी सुलगा लोबीड़ी सफलता की सीढ़ीइस पर चढ़ते चले जाओमेहनत की कमाईसही काम में लगाओजो हड्डियां गलाते हैंवो तपस्वी कहलाते हैंऐ कलयुग के दधीचिहड्डियों के साथ करोफेफड़े और गुर्दे भी कुर्बानक्योंकि…धूम्रपान एक कार्य महान
एक वीशेष सूचना ..........अगर आप बस, रेल या कही से भी आ जा रहे हो और कीसी लडकी के हाथ मे फूल, धागा, चैन या ऐसी ही कोई चमकती वस्तू नज़र आये तो आप् तुरन्त वहा से दूर हो जाये।ये चमकती वस्तु ऱाखी भी हो सक्ती है.आपकी थोडी सी लापरवाही आपको भाई बना सक्ती है।पुरुष हीत् मे जारी !!!!!!!!!
एक दिन राजू के पापा एक रोबोट ले कर आये.वह रोबोट झूठ पकड़ सकता था और झूठ बोलने वाले को गाल पर खीँच कर चांटा मार देता था.आज राजू स्कूल से घर देर से आया था... पापा ने पूछा "घर लौटने में देर क्यो हो गयी?""आज हमारी एक्स्ट्रा क्लासेस थी" राजू ने जवाब दिया...रोबोट अचानक अपनी जगह से उछला और जमकर राजू के गाल पर चांटा मार दिया.पापा हंसकर बोले, "ये रोबोट हर झूठ को पकड़ सकता है और झूठ बोलने वाले को चांटा भी मारता है. अब सच क्या है यह बताओ... कहाँ गए थे?""में फिल्म देखने गया था" राजू बोला"कौन सी फिल्म?" पापा ने कड़ककर पूछा"हनुमान"चटाक... अभी राजू की बात पूरी भी नहीं हुई थी की उसके गाल पर रोबोट ने एक जोर का चांटा मारा."कौन सी फिल्म?" पापा ने फिर पूछा"कातिल जवानी."पापा ग़ुस्से में बोले "शर्म आनी चाहिए तुम्हे. जब में तुम्हारे जितना था तब ऐसी हरकत नहीं किया करता था."चटाक... रोबोट ने एक चांटा मारा... इस बार पापा के गाल पर.यह सुनते ही मम्मी किचन में से आते हुए बोली "आख़िर तुम्हारा बेटा है ना... झूठ तो बोलेगा ही"अब मम्मी की बारी थी... चटाक...