Wednesday, February 6, 2008
धूम्रपान एक कार्य महानसिगरेट है संजीवनीपीकर स्वास्थ्य बनाओसमय से पहले बूढ़े होकररियायतों का लाभ उठाओसिगरेट पीकर हीहैरी और माइकल निकलते हैंदूध और फल खाकर तोहरगोपाल बनते हैंजो नहीं पीते उन्हेंइस सुख से अवगत कराओबस में रेल में घर में जेल मेंसिगरेट सुलगाओअगर पैसे कम हैंफिर भी काम चला लोजरूरी नहीं है सिगरेटकभी कभी बीड़ी सुलगा लोबीड़ी सफलता की सीढ़ीइस पर चढ़ते चले जाओमेहनत की कमाईसही काम में लगाओजो हड्डियां गलाते हैंवो तपस्वी कहलाते हैंऐ कलयुग के दधीचिहड्डियों के साथ करोफेफड़े और गुर्दे भी कुर्बानक्योंकि…धूम्रपान एक कार्य महान
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